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गुरुवार, 28 फ़रवरी 2013

गजल


तीतल हमर मोन हुनकर सिनेहसँ
भेलौं हम सदेह देखू विदेहसँ

के छै अपन, आन के, बूझलौं नै
लडिते रहल मोन मोनक उछेहसँ

नाचै छी सदिखन आनक इशारे
करतै आर की बडद बन्हिकऽ मेहसँ

छोडत संग एक दिन हमर काया
तखनो प्रेम बड्ड अछि अपन देहसँ

काजक बेर मोन सबकेँ पडै छी
"ओम"क भरल घर सभक एहि नेहसँ

मफऊलातु-फाइलातुन-फऊलुन (प्रत्येक पाँतिमे एक बेर)

बुधवार, 27 फ़रवरी 2013

गजल


अहाँ हमरासँ एना नै रूसल करू
कनी प्रेमक सनेसाकेँ बूझल करू

हमर जिनगीक बाटक छी संगी अहीं
करेजक बाट कखनो नै छोडल करू

बहन्ना फुरसतिक करिते रहलौं अहाँ
अहाँ कखनो तँ हमरो लग बैसल करू

बहुत मारूक अछि नैनक भाषा प्रिये
अपन नैनक कटारी नै भोंकल करू

करेजा हमर फुलवारी प्रेमक बनल
सिनेहक फूल ई सदिखन लोढल करू

अहीं जिनगी, अहीं साँसक डोरी हमर
करेजक आस नै "ओम"क तोडल करू

(मफाईलुन-मफाईलुन-मुस्तफइलुन)- प्रत्येक पाँतिमे एक बेर

बुधवार, 20 फ़रवरी 2013

घटकक जबाब

हमर तीसम बर्खमे
पुछ्लन्हि हमरासँ
हमर घटक
बौआ,
अहाँ की काज करैत छी ?हम शांत चितसँ
हुनका उत्तर देलहुँ
हम काज नहि करैत छी
अओर बाद बाँकी सभ किछु करैत छी
खूब गप्प छकरैत छी
एसनो पावडर लगा कए जीट्ट जाटसँ रहैत छी
नव सिनेमाक पहिल सो देखैत छी
राजनीतिक रैलीमे सभसँ आगू
झंडा लऽ कऽ चलैत छी
रेल रोकू बस तोरू
वा रस्ता रोकू
हमही करैत छी।
धूर !
ई छोट छोट काज करैक बास्ते हम थोरे एलहुँ
ओनाहो
कोनो सिद्ध बाबा कहि गेला
अजगर करए नै चाकरी
पंछी करए नै काज”
तैँ हम हुनक कथनकेँ
कोना कए ठूकरा दिअ,
हम तँ ओहि खानदानसँ छी
जाहिठाम नाक पोछै लेल
नकपोछना राखल जाइत छल
पएर धोबै लेल खबास जाइत छल,
हमर बाबीकेँ
डिबिया लेशै लेल नोकर छलैन  
हमर बाबाकेँ दलानमे
चारिटा सोंगर रहैन
एतेक गप्प सुनि
बुरहा घटक
जे पुछने रहथि प्रश्न
समूचा तमाकुल एके संगे घोंतैत
मुँह बोने
हमरा दिस तकैत
एक बेर फेर बजलाह
जेना की मधुमाछीक
छत्तामे हाथ देबैक सहास कएने होएथ
तँ आगूक की प्लान अछि ?हम चट्टे बजलहुँ  
प्लान !
प्लान तँ एहन सुन्नर सुन्नर अछि
इंद्रा आवास योजनासँ घर बनाएब
राजीव योजनासँ भत्ता लेब
चाचा नेहरु अस्पताल बच्चा लेल जिन्दावाद
जेबी खर्चा लेल
पाञ्च बर्खपर इलेक्शन महो महो
ई सुनिते घटक महोदय भगला एना
गामक कुकरो सभ अचम्भीत
हम तँ खीहारलहुँ नहि
ई भागल कोना 

*****

जगदानन्द झा 'मनु'

मंगलवार, 19 फ़रवरी 2013

अपनेक समस्त भाई - बोहिन सदर आमंत्रित छी


अपनेक समस्त  भाई  - बोहिन   सदर  आमंत्रित  छी 






बुधवार, 13 फ़रवरी 2013

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सोमवार, 11 फ़रवरी 2013

रचना आमन्त्रण



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शनिवार, 9 फ़रवरी 2013

माँगक नशामे :-

ठानि लेलौं आइ बेरूका होलिमे
भोजपुरी नै घुसऽ देबै मिथिलाक टोलीमे
जँ आएबाक कोशिश करत फूहर भोजपूरी
माँगक नशामे तखने तोड़ि देबै ओकर टंगरी
हम मैथिल मिथिलेसँ बस प्रेम संबंध राखै छी
मैथिली गीत सूनि ,नाच देख ,मैथिली बाजै छी
आन भाषा आबि कऽ लूटि लैत अछि हमर संस्कृति
एहन आतंक मेटेबाक लेल सदिखन आगू बढ़ै छी

शुक्रवार, 8 फ़रवरी 2013

रुबाइ



कर्जा कए कऽ हम जीवन जीव रहल छी
फाटल अपनकेँ कहुना सीब रहल छी
सभ किछु गवा कए ‘मनु’अपन जीवनकेँ
निर्लज भए हम ताड़ी पीब रहल छी   

सोमवार, 4 फ़रवरी 2013

मिथिलाक गामघर: निराश केलक पहिल दरभंगा फिल्म फेस्टिवल

मिथिलाक गामघर: निराश केलक पहिल दरभंगा फिल्म फेस्टिवल:   निराश केलक पहिल दरभंगा फिल्म फेस्टिवल मिथिलाक सांस्कृतिक राजधानी दरभंगामे आयोजित पहिल दरभंगा फिल्म फेस्टिवलक आयोजन आइ समपन्न भेल। एहिम...

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