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रविवार, 26 मई 2013

चलू देरेसँ सही, मुदा मिथिलाक लोक ई तँ मानै छथि जे नागार्जुन गलती केने छला। हुनका तँ आब सजाय नञि देल जा सकैत अछि। ओना नव साहित्यकार आ लेखक लोकनिकेँ एहिसँ किछु सन्देश लेबक चाही। आब आबी मुल बातपर हमरा जनतबे जहिया यात्री जीकेँ मैथिलीमे साहित्य अकादमी पुरस्कार देल गेल तहियो राजनीती भेल छल, जहिया उषा किरण खानकेँ भेटल तहिया सेहो आ एहि बेर शेफालिका वर्माकेँ भेटल ताहिमे सेहो राजनीती भेल। ई लुट सकै सो लुटि वला बात मैथिली साहित्यमे कोनो नव नञि अछि। तखन सुकान्ता सोम सन वरिष्ठ पत्रकार एहि बातपर बतकुच्चनि कऽ की कहऽ चाहै छथि???????


  चलू देरेसँ सही, मुदा मिथिलाक लोक ई तँ मानै छथि जे नागार्जुन गलती केने  छला। हुनका तँ आब सजाय नञि देल जा सकैत अछि। ओना नव साहित्यकार आ लेखक लोकनिकेँ एहिसँ किछु सन्देश लेबक चाही।
आब आबी मुल बातपर हमरा जनतबे जहिया यात्री जीकेँ मैथिलीमे साहित्य अकादमी पुरस्कार देल गेल तहियो राजनीती भेल छल, जहिया उषा किरण खानकेँ भेटल तहिया सेहो आ एहि बेर शेफालिका वर्माकेँ भेटल ताहिमे सेहो राजनीती भेल। ई लुट सकै सो लुटि वला बात मैथिली साहित्यमे कोनो नव नञि अछि। तखन सुकान्ता सोम सन वरिष्ठ पत्रकार एहि बातपर बतकुच्चनि कऽ की कहऽ चाहै छथि???????

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शुक्रवार, 24 मई 2013

आदरनीय सुकान्त सोमजी... मिथिला दर्शनक अंकमे ‘लुटि सकय सो लुटि’ वला लेख पढ़लौ। पढ़बाक क्रममे किछु बात सोचक लेल विवश भऽ गेल रही जे आइ अपनेक समक्ष राखि रहल छी। अपने एहि लेखमे साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त करबा लेल भऽ रहल राजनीतिपर लिखलौ अछि, मुदा एहि बातक उल्लेख नञि केलौ जे हिन्दीक वरिष्ठ साहित्यकार हेबाक बाद नार्गाजुनकेँ मैथिलीमे साहित्य अकादमी पुरस्कार कोनो भेटल? मैथिलीके ँ बारि देनिहार साहित्यकार फेरो मैथिलीमे कियक लिखलनि। की मात्र पुरस्कार प्राप्त करबा लेल। हमरा तँ जेना बुझाइत अछि जे पोथी लिखबाक पहिनेसँ ओ आश्वसथ छला जे हुनका पुरस्कार अवश्य भेटतनि। जे भेटबो केलनि। की ओहि समय ई पुरस्कार मात्र किछु खास लोकक कारणे ँ हुनका नञि भेटल छलनि??? एहिमे कोनो सन्देहक बात नञि जे यात्रीजी मैथिली भाषाक विकास लेल बड़ किछु केलनि, मुदा प्रश्न उठैत अछि जे नागार्जुन मैथिली लेल की केलनि। जखन हुनका हिन्दी सनक अथाह समुद्र वला साहित्य जगतमे थाह नञि भेटलनि तँ आबि गेला मैथिली साहित्यमे डूबकुनिञा काटऽ लेल। हिन्दीमे प्रसिद्धि हेबाक आ हुनक कद बड़ बेसी रहबाक कारणे ँ हुनक सम्मान ओहि समयक प्रत्येक मैथिली साहित्याकर लोकनि करै छला। कतौ ने कतौ ईहो एक गोट कारण छल जे हुनका ई पुरस्कार देल गेलनि। नञि तँ जे आदमी आई धरि मैथिलीक तुलनामे हिन्दीक बेसी सेवा केने होथु, हुनका साहित्य अकादमीक पुरस्कार आसानीसँ मैथिलीमे भेट जाइत छनि। अहांक कड़ूगर सच भने वामपन्थी सभकेँ नीक लागल होनि, मुदा सच की अछि वा झुठ की ई सभ जानैत छथि। जनता आब एतेक बुरबक नञि छथि। अंहाक पदवी भेट गेल आ अंहाक किछु केलौ से बड़ नीक आन क्यौ करय तँ कष्ट भऽ रहल अछि। से कियक???? कनी एहि बातक जवाब देबाक कष्ठ करी। राजनीति ओहो दिन भेल छल आ राजनीति आइयो भऽ रहल अछि। अहांक लेख पढ़बाक बाद एक गोट बात मोन पड़ि रहल अछि ‘कृष्ठ करथि तँ रासलीला, हम करी तँ कैरेक्टर ढ़ीला’। वाह यौ सुकान्त जी बढ़िया पत्रकारिता कऽ रहल छी। आब तँ एहि तरहक नाटक बन्न करू। रोशन कुमार ‘मैथिल’


  आदरनीय सुकान्त सोमजी...

 मिथिला दर्शनक अंकमे ‘लुटि सकय सो लुटि’ वला लेख पढ़लौ। पढ़बाक क्रममे किछु बात सोचक लेल विवश भऽ गेल रही जे आइ अपनेक समक्ष राखि रहल छी। अपने एहि लेखमे साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त करबा लेल भऽ रहल राजनीतिपर लिखलौ अछि, मुदा एहि बातक उल्लेख नञि केलौ जे हिन्दीक वरिष्ठ साहित्यकार हेबाक बाद नार्गाजुनकेँ मैथिलीमे साहित्य अकादमी पुरस्कार कोनो भेटल? मैथिलीके ँ  बारि देनिहार साहित्यकार फेरो मैथिलीमे कियक लिखलनि। की मात्र पुरस्कार प्राप्त करबा लेल। हमरा तँ जेना बुझाइत अछि जे पोथी लिखबाक पहिनेसँ ओ आश्वसथ छला जे हुनका पुरस्कार अवश्य भेटतनि। जे भेटबो केलनि। की ओहि समय ई पुरस्कार मात्र किछु खास लोकक कारणे ँ हुनका नञि भेटल छलनि???  एहिमे कोनो सन्देहक बात नञि जे यात्रीजी मैथिली भाषाक विकास लेल बड़ किछु केलनि, मुदा प्रश्न उठैत अछि जे नागार्जुन मैथिली लेल की केलनि। जखन हुनका हिन्दी सनक अथाह समुद्र वला साहित्य जगतमे थाह नञि भेटलनि तँ आबि गेला मैथिली साहित्यमे डूबकुनिञा काटऽ लेल। हिन्दीमे प्रसिद्धि हेबाक आ हुनक कद बड़ बेसी रहबाक कारणे ँ हुनक सम्मान ओहि समयक प्रत्येक मैथिली साहित्याकर लोकनि करै छला। कतौ ने कतौ ईहो एक गोट कारण छल जे हुनका ई पुरस्कार देल गेलनि। नञि तँ जे आदमी आई धरि मैथिलीक तुलनामे हिन्दीक बेसी सेवा केने होथु, हुनका साहित्य अकादमीक पुरस्कार आसानीसँ मैथिलीमे भेट जाइत छनि।
अहांक कड़ूगर सच भने वामपन्थी सभकेँ नीक लागल होनि, मुदा सच की अछि वा झुठ की ई सभ जानैत छथि। जनता आब एतेक बुरबक नञि छथि। अंहाक पदवी भेट गेल आ अंहाक किछु केलौ से बड़ नीक आन क्यौ करय तँ कष्ट भऽ रहल अछि। से कियक???? कनी एहि बातक जवाब देबाक कष्ठ करी। राजनीति ओहो दिन भेल छल आ राजनीति आइयो भऽ रहल अछि। अहांक लेख पढ़बाक बाद एक गोट बात मोन पड़ि रहल अछि ‘कृष्ठ करथि तँ रासलीला, हम करी तँ कैरेक्टर ढ़ीला’। वाह यौ सुकान्त जी बढ़िया पत्रकारिता कऽ रहल छी। आब तँ एहि तरहक नाटक बन्न करू।

रोशन कुमार ‘मैथिल’

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रविवार, 19 मई 2013

जँ अपने लोकनि आइ जानकी नवमी मनेलौ अछि वा अहाँक लग पासमे मनाओल गेल अछि तँ कृप्या एहि सन्दर्भमे जानकारी अवश्य दी जे कोन-कोन ठामा आइ जानकारी मनाओल गेल। फोटो उपल्बध करा सकी तँ अपने लोकनिक आभारी रहब। नीचा देल मेल पतापर जानकारी पठाबी वा 08292560971 पर फोन करी। mithilaawazdarbhanga@gmail.com pathakmaithil@gmail.co


  जँ अपने लोकनि आइ जानकी नवमी मनेलौ अछि वा अहाँक लग पासमे मनाओल गेल अछि तँ कृप्या एहि सन्दर्भमे जानकारी अवश्य दी जे कोन-कोन ठामा आइ जानकारी मनाओल गेल। फोटो उपल्बध करा सकी तँ अपने लोकनिक आभारी रहब। नीचा देल मेल पतापर जानकारी पठाबी वा 08292560971 पर फोन करी।

mithilaawazdarbhanga@gmail.com
pathakmaithil@gmail.co

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शुक्रवार, 17 मई 2013

सीताजीक आरती


सीताजीक आरती 














सीता बिराजथि मिथिलाधाम सब मिलिकय करियनु आरती।
संगहि सुशोभित लछुमन-राम सब मिलिकय करियनु आरती।।
विपदा विनाशिनि सुखदा चराचर,सीता धिया बनि अयली सुनयना घर
मिथिलाके महिमा महान...सब मिलिकय करियनु आरती।।सीता बिराजथि...
सीता सर्वेश्वरि ममता सरोवर,बायाँ कमल कर दायाँ अभय वर
सौम्या सकल गुणधाम.....सब मिलिकय करियनु आरती।। सीता बिराजथि...
रामप्रिया सर्वमंगल दायिनि,सीता सकल जगती दुःखहारिणि
करथिन सभक कल्याण...सब मिलिकय करियनु आरती।। सीता बिराजथि...
सीतारामक जोड़ी अति मनभावन,नैहर सासुर कयलनि पावन
सेवक छथि हनुमान...सब मिलिकय करियनु आरती।।सीता बिराजथि...
ममतामयी माता सीता पुनीता,संतन हेतु सीता सदिखन सुनीता
धरणी-सुता सबठाम...सब मिलिकय करियनु आरती ।। सीता बिराजथि...
शुक्ल नवमी तिथि वैशाख मासे,’चंद्रमणि’ सीता उत्सव हुलासे
पायब सकल सुखधाम...सब मिलिकय करियनु आरती।।
सीता बिराजथि मिथिलाधाम सब मिलिकय करियनु आरती।।।
DrChandramani Jha
चंद्रमणिझा,
9 1 - 9430827795

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गुरुवार, 16 मई 2013

मिथिला दर्शनक नव अंकमे साहित्य अकादमीसँ पुरस्कार प्राप्त लेखक विभूति आनन्द जी केर कथा ‘निधी’पढ़ि बड़ निराश भेलौ। कथामे बेसीसँ बेसी शब्द हिन्दी आ अंग्रेजीक प्रयोग कयल गेल अछि। हम आन भाषाक शब्दक विरोधी नञि छी, मुदा जे शब्द मैथिली भाषामे उपल्बध अछि तकर प्रयोग करबामे कोन लाज? एना बुझना जाइत अछि जेना लेखक लग मैथिली शब्दक कमी होइन। दोसर दिस ‘मिथिला दर्शन’ केर सम्पादक मण्डलीपर सेहो प्रश्न चिह्न उठैत अछि। की लेखक जेना अपन रचना लिखि कऽ पठेता तेना छापी देल जेबाक चाही??? की ओहिमे सम्पादकक कोनो दायित्व नञि होइत छनि???


मिथिला दर्शनक नव अंकमे साहित्य अकादमीसँ पुरस्कार प्राप्त लेखक विभूति आनन्द जी केर कथा ‘निधी’पढ़ि बड़ निराश भेलौ। कथामे बेसीसँ बेसी शब्द हिन्दी आ अंग्रेजीक प्रयोग कयल गेल अछि। हम आन भाषाक शब्दक विरोधी नञि छी, मुदा जे शब्द मैथिली भाषामे उपल्बध अछि तकर प्रयोग करबामे कोन लाज? एना बुझना जाइत अछि जेना लेखक लग मैथिली शब्दक कमी होइन। दोसर दिस ‘मिथिला दर्शन’ केर सम्पादक मण्डलीपर सेहो प्रश्न चिह्न उठैत अछि। की लेखक जेना अपन रचना लिखि कऽ पठेता तेना छापी देल जेबाक चाही??? की ओहिमे सम्पादकक कोनो दायित्व नञि होइत छनि???

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मंगलवार, 14 मई 2013

हमरा जीवन दर्शन करा दिअ माँ













हमरा जीवन दर्शन करा दिअ माँ
एही गगनक भ्रमण करा दिअ माँ
हम आतुर छी उड़बाक लेल माँ
आउ हमरा पंख बनबा दिअ माँ

अहाँक कोखमे सुतल सुतल
सपनामे हम उडैत रहै छी
जखन चाहलौं अहाँ उड़ाइ लेल
सोचलौं हमहूँ उड़ि रहल छी

उड़ैत अहाँकें देखि कs
मोन हमरो व्याकुल होइ यै माँ
माँ, लगा दिअ पंख हमरो
फेर सगर दुनिया हमर अछि माँ
हम मेघ पर जा कऽ बैसब,
बिजुरी संगे हम खेलब,
आ नुका कs अपन पाँजरमे
चंदा हम लs आनब !

माँ,सपना अछि बड़का हमर
एक बेड़ जीवन दान दऽ कs तs देखू
नै बनब बोझ हम अहाँ पर
खोलि दिअ मुट्ठी,फेर देखू उड़ान हमर
हमरा जीवन दर्शन करा दिया माँ
एही गगनक भ्रमण करा दिअ,
हम बेताब छि उड़ाबाक लेल "माँ"
हे माँ आउ हमरा पंख बनबा दिअ।


चन्दन झा ''राधे"

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रविवार, 12 मई 2013

(दिनांक - 12.05.13 के ँ प्रभात खबरक प्रथम पृष्ठपर प्रकाशित प्रधान सम्पादक हरिवंशक एक गोट लेख 'लज्जाविहीन, भयमुक्त आ अनैतिक भारतीय राजनीति' केर अंश) अनुवादक रोशन कुमार मैथिल


  पाँच सालमे बंसलक पत्नी आ बेटाक कारोबार शून्यसँ 152 करोड़ टाका धरि पहुँचल। मंत्रीक पत्नी मधु आ बेटा अमित आ मनीष 2005 मे एक क म्पनी आरम्भ केलनि। बरख 2007 मे एकर टर्नओवर शून्य छल। एकरा बाद फेरो बंसल के न्द्रमे मंत्री बनला। ओ संसदीय कार्य मंत्री रहला। फेरो जल संसाधन मंत्री, फेरो वित्त राज्य मंत्री आ फेरो रेल मंत्री। एहि क्रममे हुनक परिवारक टर्नओभर शून्यसँ 152 करोड़ भऽ गेल। बरख 2008-09 मे हुनक बहिनक बेटो सिंगला (गिरफ्तार) चण्डीगढ़क एक गोट बीमार कम्पनी मार्डन बेकरीक अधिग्रहण केलनि। एकरापर बड़ पैघ कर्ज छल। तखन पवन बंसल के न्द्रमे वित्त राज्य मंत्री छला। कहल जाइत अछि जे, बंसलक प्रभावक मदति पाबि सिंगला बेकरी कम्पनीक प्लाटक उपयोग बदली करबा देलनि। अब ओहि ठाम कॉर्मशियल काम्प्लेक्स बनि रहल अछि। बंसल परिवारक कम्पनीकेँ केनरा बैंकसँ  साठि करोड़ टाकाक लोन सेहो भेटल। पवन बंसल अपन परिवारक कम्पनीक आडिटर आ अपन बेटाक बिजनेस पार्टनर सुनील गुप्ताकेँ बरख 2007 मे केनरा बैंकक डायरेक्टर बनवा देलनि। तखन बंसल वित्त राज्य मंत्री छला।

अब एहि पूर्ण घटनाक्रमकेँ एना बुझू जे, एक गोट मंत्रीक उदय होइत अछि। ओकरा संग ओकर परिवारक लोग जुड़ैत अछि। सर सम्बन्धी जुड़ैत अछि। सरकारी पद सभपर सेहो। तखन ओ वित्त मंत्रालयमे छला। ओहि समय ओ अपन लोक वेदकेँ बैंकमे डायरेक्टर बनवेलनि। अपन पत्नी-बेटक कम्पनीकेँ लोन सेहो देयोलनि। माने जाहि सरकारी पदपर छी ओतऽ पहिने परिवारक, फेरो सगा-सम्बन्धी लोकनिक  काज होइ। एहि तरहे एक मंत्री जेकर महत्वपूर्ण पदपर काज करै छथि। ओतऽ हुनकर लक्ष्य बनि जाइत छनि अपन परिवारक कम्पनीकेँ समृद्ध बनाएब। ओकर मंत्रालयकेँ ओकर सर कुटुम्ब चलबै छथि। पाछासँ। दिल्लीमे ई सभ जानैत अछि, मुदा ई बात जगजगार भऽ जाइत अछि। जखन मामिला सीबीआइ केर पकड़िमे आबैत अछि। कहल जा रहल अछि जे महेश कुमार रेलवे बोर्डक सदस्य भऽ जेबापर दस करोड़ देबऽ वला छला। संगे प्रश्चिम रेलक महाप्रबन्धक बनेबाक दाम फराकसँ छल। एहि पदक देख रेखमे रेलवेमे विद्युतीकरणक बड़ पैघ काज भऽ रहल अछि। एहि लेल ओहि ठाम प्रयाप्त राशि अछि। एहि कारणेँ हुनका दू दू गोट पदपर राखल गेलनि। माने बंसल परिवार भारतीय रेलक विकास, आधुनिकीकरणक दामपर अपन जेब भरि रहल छला। ई सभ काज खुले आम भऽ रहल छल। फोनपर सरेआम डील भऽ रहल छल, मुदा भारत सरकार सुतल छल। चण्डीगढ़क लोक सभक कहब छनि जे रेल मंत्री बंसल चण्डीगढ.-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेसक नियमित यात्री छला। पहिने ओ स्वयं चण्डीगढ़क लोक लग किछु चन्दा लेल जाइत छला। ओना बरख  2006 मे ओ मंत्री बनला। फेरो हुनक परिवारक सदस्य आ भागिन विजय सिंगला, बिक्रम बंसल आ हुनक पुत्र मनीष आ अमित मंत्री बंसल आ उद्यमी लोकनिक बीच भेट करेबाक माध्यम बनला। एहि तरहे बंसल आ सिंगला परिवारक स्टील, दवइ रियल स्टेटक व्यपार सेहो नीक चलि गेल। माने बंसल मंत्री बनला आ हुनक सगा सम्बन्धी परिवार व्यापारी वा उद्योगपति बनला। राजपाट आ पाइ केर ई सम्बन्ध वर्तमान राजनीतिक पहचान अछि।

(दिनांक - 12.05.13 के ँ प्रभात खबरक प्रथम पृष्ठपर प्रकाशित प्रधान सम्पादक हरिवंशक एक गोट लेख 'लज्जाविहीन, भयमुक्त आ अनैतिक भारतीय राजनीति' केर अंश)

अनुवादक
रोशन कुमार मैथिल
08292560971

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बुधवार, 8 मई 2013

वोटक लेल! ( प्रभात खबरमे प्रकाशित प्रधान सम्पादक हरिवंशक 'समय से संवाद' केर अंश) अनुवादक रोशन कुमार मैथिल )


  वोटक लेल!
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एहि देशमे स्वस्थ बहस बन्न अछि। असल सवाल उठेबा लेल क्यो जोखिम लेबऽ लेल आ सच कहबा लेल तैयार नञि छथि। उत्तर प्रदेशमे समाजवादी पार्टी आतंकवादी हमलाक कतेको आरोपीक विरुद्ध अंकित मामिलाकेँ उठा लेलक अछि। निर्दोष लोक चाहे कोनो जाति, धर्मक होथु, हुनका लोकनिक विरुद्ध एहन अभियान चलए, तँ व्यवस्थाक मानवीय रूप देखाइ दैत अछि। ओना भोट बैंक लेल , जिनका सभपर गम्भीर आरोप अछि, हुनका लोकनिकेँ पूर्ण तरहे जाँचक बिनु कोना छोड़ल जा सकैत अछि? देशमे लाखो संख्यामे  अण्डरट्रायल अपराथी अछि, हुनका लोकनि लेल कोनो तरहक आवजा नञि। समाजवादी सरकार हूजी (हरकत-उल-जिहाद अल-इसलामी) केर उग्रवादी तारी कासमीक विरुद्ध आतंकवादी हमलाक कतेको मामिला आपस लऽ लेलक अछि।
22.05.2007 के ँ गोरखपुरमे सीरियल विस्फोट भेल। आधा दर्जनसँ बेसी लोक गम्भीर रूपसँ घायल भेला। फेर लखनऊ, फैजाबाद आ बनारसक अदालति परिसरमे सीरियल विस्फोट भेल। एहि सभ मामिलामे कासमी आरोपी अछि। जँ मानि लेल जाए जे कासमी निर्दोष अछि, मुदा गोरखपुर, लखनऊ, फैजाबाद आ बनारसमे जे सीरियल विस्फोट भेल, ओहि लेल क्यो ने क्यो दोषी तँ अछि। ओहिमे जे घायल भेला वा मारल गेल एवँ जे घाटा भेल, ओहि लेल क्यो ने क्यो अपराधी तँ अछि? फेर सरकार कासमीकेँ रिहा केलक, तँ एहि घटनाक आरोपीकेँ किएक नञि पकड़लक? ई केकर कत्वर्य अछि? आइ अमेरिकामे कोनो आतंकवादी घटना होइत अछि, अमेरिका कहैत अछि जे हम बेसी समयमे नञि मात्र घण्टा भरिमे दोषीक पहचान कऽ लै छी, अपना एहि ठाम कोनो पैघ घटना घटलाक बादो कोनो दोषी व्यक्ति नञि पकड़ल जाइत अछि। एकरा अतिरिक्त हूजी केर लगभग आधा दर्जनसँ बेसी लोकक विरुद्ध देशद्रोह वा राजद्रोह आ विश्वासघातक काण्ड अंकित छल। ओहो सभ आपस लेल गेल अछि। ई घोषणा उत्तर प्रदेशक गृह सचिव केलनि अछि। जखनकि कानून-व्यवस्था आ न्यायकेँ हमरा लोकनि जाति, धर्म आ समुदायक नजरिमे देखता, भोटक तराजूपर जोखता, तँ एहिसँ सभक घाटा होएत। देश एक नञि रहत। कानूनक धर्म अछि, अपराध देखब, भने ओ केकरो होइ। जँ क्यो बेकसूरअछि तँ , तँ राजधर्ममे ओकर बचाव अवश्य कएल जेबाक चाही, मुदा जँ घटना भेल अछि तँ घटनाक आरोपी आ दोषी क्यो तँ हेता। ओकर पकड़िÞ शीघ्र सजाय दियेबाक राजधर्म केकर अछि?
(दिनांक 28.05.13 के ँ प्रभात खबरमे प्रकाशित प्रधान सम्पादक हरिवंशक 'समय से संवाद' केर अंश)

अनुवादक
रोशन कुमार मैथिल

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शनिवार, 4 मई 2013

की मिथिला विरोधी अछि हिन्दीक दैनिक ‘प्रभात खबर’!


की मिथिला विरोधी अछि हिन्दीक दैनिक ‘प्रभात खबर’!


आदरनीय प्रधान सम्पादक
हरिवंश
प्रभात खबर

महोदय सविनय निवेदन अछि जे अपनेक दैनिक अखबार प्रभात खबरक माध्यमे मिथिला आ मिथिला वासीक अपमान कएल जा रहल अछि। एहिसँ मिथिला वासी आहत छथि आ संगे आक्रोशित छथि। अपनेकेँ जना दी जे दिनांक 5-4-2013 दरभंगा संस्करणक प्रथम पृष्ठपर एक गोट समाचार छपल अछि ‘यूपीएससी में मैथिली से सात परीक्षार्थी सफल’ एहि समाचारक सब हेडमे ‘मिथिलांचल के सत्येन्द्र को 71 वा स्थान’लिखल गेल अछि। एहि समाचारक लेखक लनामिवि केर कर्मी आ अपनेक पत्रकार कृष्ण कुमार छथि। एहि खबरिक नीचामे एक आरो समाचार समस्तीपुर डेड लाइनसँ लिखल गेल अछि। ओकर हेडिंग अछि ‘समस्तीपुर के अजीत को मिला 26वा स्थान’। महाशय आब प्रश्न उठैत अछि जे की समस्तीपुर मिथिलाक आंग नञि अछि? की प्रभात खबर मात्र दरभंगा आ मधुबनी जिलाके ँ मिथिला मानैत अछि???

श्रीमान अपने पत्रकारिता जगतमे बड़ बेसी विद्वान छी तहियो किछु इतिहासपर नजरि देल जाउ-
मिथिला रामायण कालसँ विश्व विख्यात अछि। आधुनिक इतिहासमे सर जान अब्राहम ग्रियर्सन ओहि ओहि जिला वा क्षेत्रकेँ मिथिला मानलनि जतऽ जतऽ मैथिली भाषा बाजल जाइत अछि। एहिमे प. चम्पारण, पू.चम्पारण, शिवहर, सितामढ़ी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, खगरयिा, बेगुसराय, अररिया, मधेपुरा, किशनगंज, पुर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, जमुइ, बांका, भागलपुर, गोड्डा, बांका, देवघर, साहिबगञ्ज, पाकुर, दुमका आ जमातार जिला सम्मिलित अछि।

महाशय ओना एखन धरि भारतीय संविधानमे मिथिला नामक कोनो राज्यक उल्लेख नञि अछि, मुदा विभिन्न मैथिली संस्था द्वारा पृथक मिथिला राज्यक माङ कएल जा रहल अछि।

आब प्रश्न उठैत अछि जे की प्रभात खबर मिथिला विरोधी अछि।
की प्रभात खबरि किछु बरख पहिने दरभंगा जिलासँ अलग भेल समस्तीपुरकेँ मिथिलाक अंग नञि मानैत अछि।

ओना अपनेकेँ जना दी जे एहिसँ पूर्व अपनेक प्रभात खबरि मिथिा मैथिलीसँ जुड़ल खबरिकेँ प्रमुखतासँ छापैत रहल अछि। एहि कारणे ँ मिथिला वासी बड़ चावसँ ई अखबार पढ़ै छथि।
अजुका खबरि अखबारमे देखि बड़ बेसी दुखी छी प्रभात खबर सनक हिन्दी अखबार एहि तरहक घटिया मानिष्कताक परिचय दऽ रहल अछि।

अपनेसँ विनम्र आग्रह जे एहि मामिलामे शीघ्र अति शीघ्र कारवाई करी।

अपनेक
रोशन कुमार मैथिल
08292560971


MITHILA VASI SA AAGRAH JEY APAN-APAN VIRODH MAIL AA MSG SA AVASYA ANKIT KARI ...muzaffarpur@prabhatkhabar.in.... ph- 0621-3081864... 3081870 (fax)
की मिथिला विरोधी अछि हिन्दीक दैनिक ‘प्रभात खबर’!


आदरनीय प्रधान सम्पादक 
हरिवंश 
प्रभात खबर

महोदय सविनय निवेदन अछि जे अपनेक दैनिक अखबार प्रभात खबरक माध्यमे मिथिला आ मिथिला वासीक अपमान कएल जा रहल अछि। एहिसँ मिथिला वासी आहत छथि आ संगे आक्रोशित छथि। अपनेकेँ जना दी जे दिनांक 5-4-2013 दरभंगा संस्करणक प्रथम पृष्ठपर एक गोट समाचार छपल अछि ‘यूपीएससी में मैथिली से सात परीक्षार्थी सफल’ एहि समाचारक सब हेडमे ‘मिथिलांचल के सत्येन्द्र को 71 वा स्थान’लिखल गेल अछि। एहि समाचारक लेखक लनामिवि केर कर्मी आ अपनेक पत्रकार कृष्ण कुमार छथि। एहि खबरिक नीचामे एक आरो समाचार समस्तीपुर डेड लाइनसँ लिखल गेल अछि। ओकर हेडिंग अछि ‘समस्तीपुर के अजीत को मिला 26वा स्थान’। महाशय आब प्रश्न उठैत अछि जे की समस्तीपुर मिथिलाक आंग नञि अछि? की प्रभात खबर मात्र दरभंगा आ मधुबनी जिलाके ँ मिथिला मानैत अछि???

श्रीमान अपने पत्रकारिता जगतमे बड़ बेसी विद्वान छी तहियो किछु इतिहासपर नजरि देल जाउ-
मिथिला रामायण कालसँ विश्व विख्यात अछि। आधुनिक इतिहासमे सर जान अब्राहम ग्रियर्सन ओहि ओहि जिला वा क्षेत्रकेँ मिथिला मानलनि जतऽ जतऽ मैथिली भाषा बाजल जाइत अछि। एहिमे प. चम्पारण, पू.चम्पारण, शिवहर, सितामढ़ी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, खगरयिा, बेगुसराय, अररिया, मधेपुरा, किशनगंज, पुर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, जमुइ, बांका, भागलपुर, गोड्डा, बांका, देवघर, साहिबगञ्ज, पाकुर, दुमका आ जमातार जिला सम्मिलित अछि। 

महाशय ओना एखन धरि भारतीय संविधानमे मिथिला नामक कोनो राज्यक उल्लेख नञि अछि, मुदा विभिन्न मैथिली संस्था द्वारा पृथक मिथिला राज्यक माङ कएल जा रहल अछि। 

आब प्रश्न उठैत अछि जे की प्रभात खबर मिथिला विरोधी अछि। 
की प्रभात खबरि किछु बरख पहिने दरभंगा जिलासँ अलग भेल समस्तीपुरकेँ मिथिलाक अंग नञि मानैत अछि। 

ओना अपनेकेँ जना दी जे एहिसँ पूर्व अपनेक प्रभात खबरि मिथिा मैथिलीसँ जुड़ल खबरिकेँ प्रमुखतासँ छापैत रहल अछि। एहि कारणे ँ मिथिला वासी बड़ चावसँ ई अखबार पढ़ै छथि। 
अजुका खबरि अखबारमे देखि बड़ बेसी दुखी छी प्रभात खबर सनक हिन्दी अखबार एहि तरहक घटिया मानिष्कताक परिचय दऽ रहल अछि। 

अपनेसँ विनम्र आग्रह जे एहि मामिलामे शीघ्र अति शीघ्र कारवाई करी। 

अपनेक 
रोशन कुमार मैथिल
08292560971


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