रविवार, 12 मई 2013

(दिनांक - 12.05.13 के ँ प्रभात खबरक प्रथम पृष्ठपर प्रकाशित प्रधान सम्पादक हरिवंशक एक गोट लेख 'लज्जाविहीन, भयमुक्त आ अनैतिक भारतीय राजनीति' केर अंश) अनुवादक रोशन कुमार मैथिल


  पाँच सालमे बंसलक पत्नी आ बेटाक कारोबार शून्यसँ 152 करोड़ टाका धरि पहुँचल। मंत्रीक पत्नी मधु आ बेटा अमित आ मनीष 2005 मे एक क म्पनी आरम्भ केलनि। बरख 2007 मे एकर टर्नओवर शून्य छल। एकरा बाद फेरो बंसल के न्द्रमे मंत्री बनला। ओ संसदीय कार्य मंत्री रहला। फेरो जल संसाधन मंत्री, फेरो वित्त राज्य मंत्री आ फेरो रेल मंत्री। एहि क्रममे हुनक परिवारक टर्नओभर शून्यसँ 152 करोड़ भऽ गेल। बरख 2008-09 मे हुनक बहिनक बेटो सिंगला (गिरफ्तार) चण्डीगढ़क एक गोट बीमार कम्पनी मार्डन बेकरीक अधिग्रहण केलनि। एकरापर बड़ पैघ कर्ज छल। तखन पवन बंसल के न्द्रमे वित्त राज्य मंत्री छला। कहल जाइत अछि जे, बंसलक प्रभावक मदति पाबि सिंगला बेकरी कम्पनीक प्लाटक उपयोग बदली करबा देलनि। अब ओहि ठाम कॉर्मशियल काम्प्लेक्स बनि रहल अछि। बंसल परिवारक कम्पनीकेँ केनरा बैंकसँ  साठि करोड़ टाकाक लोन सेहो भेटल। पवन बंसल अपन परिवारक कम्पनीक आडिटर आ अपन बेटाक बिजनेस पार्टनर सुनील गुप्ताकेँ बरख 2007 मे केनरा बैंकक डायरेक्टर बनवा देलनि। तखन बंसल वित्त राज्य मंत्री छला।

अब एहि पूर्ण घटनाक्रमकेँ एना बुझू जे, एक गोट मंत्रीक उदय होइत अछि। ओकरा संग ओकर परिवारक लोग जुड़ैत अछि। सर सम्बन्धी जुड़ैत अछि। सरकारी पद सभपर सेहो। तखन ओ वित्त मंत्रालयमे छला। ओहि समय ओ अपन लोक वेदकेँ बैंकमे डायरेक्टर बनवेलनि। अपन पत्नी-बेटक कम्पनीकेँ लोन सेहो देयोलनि। माने जाहि सरकारी पदपर छी ओतऽ पहिने परिवारक, फेरो सगा-सम्बन्धी लोकनिक  काज होइ। एहि तरहे एक मंत्री जेकर महत्वपूर्ण पदपर काज करै छथि। ओतऽ हुनकर लक्ष्य बनि जाइत छनि अपन परिवारक कम्पनीकेँ समृद्ध बनाएब। ओकर मंत्रालयकेँ ओकर सर कुटुम्ब चलबै छथि। पाछासँ। दिल्लीमे ई सभ जानैत अछि, मुदा ई बात जगजगार भऽ जाइत अछि। जखन मामिला सीबीआइ केर पकड़िमे आबैत अछि। कहल जा रहल अछि जे महेश कुमार रेलवे बोर्डक सदस्य भऽ जेबापर दस करोड़ देबऽ वला छला। संगे प्रश्चिम रेलक महाप्रबन्धक बनेबाक दाम फराकसँ छल। एहि पदक देख रेखमे रेलवेमे विद्युतीकरणक बड़ पैघ काज भऽ रहल अछि। एहि लेल ओहि ठाम प्रयाप्त राशि अछि। एहि कारणेँ हुनका दू दू गोट पदपर राखल गेलनि। माने बंसल परिवार भारतीय रेलक विकास, आधुनिकीकरणक दामपर अपन जेब भरि रहल छला। ई सभ काज खुले आम भऽ रहल छल। फोनपर सरेआम डील भऽ रहल छल, मुदा भारत सरकार सुतल छल। चण्डीगढ़क लोक सभक कहब छनि जे रेल मंत्री बंसल चण्डीगढ.-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेसक नियमित यात्री छला। पहिने ओ स्वयं चण्डीगढ़क लोक लग किछु चन्दा लेल जाइत छला। ओना बरख  2006 मे ओ मंत्री बनला। फेरो हुनक परिवारक सदस्य आ भागिन विजय सिंगला, बिक्रम बंसल आ हुनक पुत्र मनीष आ अमित मंत्री बंसल आ उद्यमी लोकनिक बीच भेट करेबाक माध्यम बनला। एहि तरहे बंसल आ सिंगला परिवारक स्टील, दवइ रियल स्टेटक व्यपार सेहो नीक चलि गेल। माने बंसल मंत्री बनला आ हुनक सगा सम्बन्धी परिवार व्यापारी वा उद्योगपति बनला। राजपाट आ पाइ केर ई सम्बन्ध वर्तमान राजनीतिक पहचान अछि।

(दिनांक - 12.05.13 के ँ प्रभात खबरक प्रथम पृष्ठपर प्रकाशित प्रधान सम्पादक हरिवंशक एक गोट लेख 'लज्जाविहीन, भयमुक्त आ अनैतिक भारतीय राजनीति' केर अंश)

अनुवादक
रोशन कुमार मैथिल
08292560971

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