शनिवार, 9 फ़रवरी 2013

माँगक नशामे :-

ठानि लेलौं आइ बेरूका होलिमे
भोजपुरी नै घुसऽ देबै मिथिलाक टोलीमे
जँ आएबाक कोशिश करत फूहर भोजपूरी
माँगक नशामे तखने तोड़ि देबै ओकर टंगरी
हम मैथिल मिथिलेसँ बस प्रेम संबंध राखै छी
मैथिली गीत सूनि ,नाच देख ,मैथिली बाजै छी
आन भाषा आबि कऽ लूटि लैत अछि हमर संस्कृति
एहन आतंक मेटेबाक लेल सदिखन आगू बढ़ै छी

0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें

  © Mithila Vaani. All rights reserved. Blog Design By: Chandan jha "Radhe" Jitmohan Jha (Jitu)

Back to TOP