शनिवार, 6 अप्रैल 2013

मिथिलाक गामघर: ठाकुरक कुआँ (मुशी प्रेमचन्द्रक कथाक मैथिली अनुवाद...

मिथिलाक गामघर: ठाकुरक कुआँ (मुशी प्रेमचन्द्रक कथाक मैथिली अनुवाद...:   ठाकुरक कुआँ (मुशी प्रेमचन्द्रक कथाक मैथिली अनुवाद, लेखक रोशन कुमार मैथिल) जोखू लोटा मुंहसँ लगेलक तँ पानिमेसँ गन्ध आएल। ओ गंगीसँ कहलक- ...

2 टिप्पणियाँ:

Dr. Dhanakar Thakur 6 अप्रैल 2013 को 10:27 pm  

शीर्षक क अनुवाद गलत अछि "ठाकुरक इनार " लिखक छल बाँकी खोलि नहि पयलहू।

जगदानन्द झा 'मनु' 7 अप्रैल 2013 को 4:46 pm  

"लेखक रोशन कुमार मैथिल"
नहि लिख कए "अनुवाद - रोशन कुमार मैथिल" लिखू
एहि कथाक लेखक त' मुंशी प्रेमचंद्र छथि आ ओहे रहता | हुनक कथा सभक अनुवाद दुनियाक बहुतो भाषामे भेल अछि मुदा हुनके नामस'|

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