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सोमवार, 21 फ़रवरी 2011

की भऽ रहल अछि अपना गाममे

भऽ रहल अछि अपना गाममे
सब बदलि रहल अ
छि

सब गोटा गाम
गाम छोड़ि नग्रक लेल दौगि रहल अछि
शान्तिक त्याग कऽ
हहारो दिस जा रहल अछि
गामक छाछक बदला
कोकाकोला बाजि रहल अछि
चिट्ठी चौपातीक आब आस नै रहि गेल
जहिया सँ आयल मोबाइल बात गजब भऽ गेल
जहिया सँ चलल पश्चिमी बसात
हवामे अश्लीलता भरि गेल
आठ गजक साड़ीक बदला
छः इंचक मिनी एस्कर्ट भऽ गेल
जय गंगाक किनारपर साधु साधना चलए
अब ओ गंगा किनार पापीक बसेरा भऽ गेल
गामक झोपड़ी आब रंग बदलि रहल अछि
झोपड़ी सँ पक्का मकान बनि रहल अछि
गामक माटिमे आब ओ गमक नै रहि गेल
आब चारो दिशासँ शराब महकि रहल अछि
की भऽ रहल अछि गाम
मे ....(राधे )

1 टिप्पणियाँ:

BN,  23 फ़रवरी 2011 को 3:12 pm बजे  

chandan babu apnek mithila bani bahut badhiya achi muda bihar sarkar mai rojgar samachar seho diyou.
bhagyanarayan jha
B.S.F.Jalandhar
punjab

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