सोमवार, 28 नवंबर 2011

-----निर्वासन------


कत' रहब
आ कोना रहब
धरती-गगन
आकी चान पर रहब?

जंगलक झोंझ!
पहाड़क खोह!!
वसुन्धराक सोन्हि!!!
आकी समुन्द्रक लहरी में रहब?

सगरो सँ खेहारल जाएब
लुक्का सँ झरकाओल जाएब
बिढनी सँ बिन्हाओल जाएब
फत्रा में बझाओल जाएब
पिजरा में बैसाओल जाएब

पूछबै से किएक यौ भाई?
तं अहींक डीह-डाबराक
बीत भरी जमीन
हडपी लेबक लेल
वा आड़ी काटी-कटी
डसैत रहबाक लेल
दसो दिगंत में
दियाद-बाद बनिक'
ठाढ़ रहत दुर्योधन!


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