गुरुवार, 10 नवंबर 2011

बाटी-चुटी खाई..

बाटी-चुटी खाई
राजा घर जाई
बाबाक इ मन्त्र अछि
सिखाबै छथि दाई //

घर अच्छी डर कथी
घी चाही छाल्ही माथि
सोचैक अछि सभकें
प्रेम ठीक दबाई //
.
संगे छि सभ एक
भेद- भाव दियोऊ फेक
शिक्षक ई अर्थ अछि
स्नेहक महगाई //


मोनमे इजोत अछि
मामी घर नोत अछि
मामा छथी चान सन
हशी-ख़ुशी जाई //

गामकैए फूल सन
बौआक मन सोन सन
माँ-बाबुक त्यागके
मोन राखी भाई //

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